बहू को ससुर ने चोदा

डॉ बाबासाहेब आंबेडकर विचार मराठी

डॉ बाबासाहेब आंबेडकर विचार मराठी, काफी देर तक इसी अवस्था में चोदने के बाद मैंने रिंकी को पकड़ कर पलट दिया और अब मैं उसके ऊपर था और वो मेरे नीचे। विनोद कभी मेरे तने हुए निपल्स पर ज़बान फेरता. तो कभी मेरे निपल्स को अपने लिप्स से चूस्ता हुआ अपने दाँतों से आहिस्ता से उन पर धंडी वेदता (बाइट्स) देता था.

उसके लंड को मेरी चूत अपनी माँस पेशियों को सिकोड़कर कसकर पकड़ लेती और कभी मैं उसे अपनी चूत से करीब-करीब पूरा निकाल देती। सिर्फ़ सुपाड़ा अंदर रह जाता। उसे कुछ देर तंग करने के बाद मैं उसकी पीठ अपने लंबे नाखूनों से खरोंच कर फिर उसका लंड पूरा अंदर ले लेती। जिस की वजह से में मेरी चूत का नम्कीम पानी मेरी फुद्दि से बैठे हुए मेरी गुदाज रानों के दरमियाँ से होते हुए नीचे फर्श को भी गीला करने में मसरूफ़ था.

कोई कुछ नहीं बोला और बस सब कोमल को ही निहारते रहे। विजय ने गाड़ी की चाभी साजन को दी.. वो कोमल के साथ जाने लगा.. तो जय की नज़र बस कोमल की मटकती गाण्ड को घूरती रही, उसका लौड़ा पैन्ट में टेंट बनाने लगा। डॉ बाबासाहेब आंबेडकर विचार मराठी रानी ने लाइट ब्लू सलवार सूट पहना हुआ था.. उसके बाल खुले थे.. जिसमें वो अप्सरा जैसी लग रही थी। जैसे ही रानी और रंगीला की नजरें मिलीं.. दोनों ही एक-दूसरे में खो गए.. रानी धीरे-धीरे रंगीला के पास आकर खड़ी हो गई।

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  1. अभी में हाल के दरवाज़े पर खड़ी ये सब देखने में मसरूफ़ थी. कि यासिर की हल्की सी सेरगोशी मेरे कान में पड़ी चलो सायरा विनोद तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है.
  2. रश्मि- देखो भाई.. ये कार्ड में से सबको एक-एक कार्ड दिया जाएगा और जिसका कार्ड का नंबर सबसे छोटा होगा.. वो हार जाएगा और जीतने वाला उसको कोई काम बोलेगा.. जो उसको करना होगा जैसे कोई गाना गाना या डान्स करना.. कुछ भी.. ओके? राजस्थानी फोटो सेक्सी
  3. अमृता की आँखों में चमक साफ़ दिखाई दे रही थी | ऐसा लग रहा था की वो खुद भी यही सब सुनना चाहती है और सिर्फ मुझे परेशान करने के लिए नाटक कर रही है | कहते हैं कि जो बात या वाकिया आप को दिन के वक्त पेश आता है. कभी कभी वो ही बात रात को एक ख्वाब की शकल में आप के दिमाग़ में आ जाती है.
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  5. तो मैं अम्मी के पहलू से उठ कर बिस्तर पर लेटी अपनी अम्मी के सिर के पीछे आया और फिर पीछे से अम्मी के सिर के ऊपर चढ़ कर अपने ढीले लौड़ा को अम्मी के खुले लबों पर फ़ेरते हुए सिसका मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर इसे चुसो और चूस कर इसे अपनी बेटी की चूत के लिए अच्छी तरह से तैयार करें अम्मी जान | शालिनी- हुम्म कह तो तू ठीक रहा है पर एक बात बता, क्या तेरा मन नही होता डिंपल को अपनी बाँहो मे भर कर चूमने

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अप मेरा एतबार करें, हम वाक्या ही नहा रहे थे अम्मी जान अम्मी की बात के जवाब देते हुए मैं फिर हल्की आवाज़ में बोला |

लेट कर मैंने उसे अपने से बिल्कुल सटा लिया और अपना एक पैर उठाकर उसके ऊपर रख दिया और उसे और भी करीब कर लिया। अब मैंने उसके बालों में अपनी उँगलियाँ फिराईं और धीरे धीरे अपनी उँगलियों को उसके चेहरे पे फिराने लगा… है, कल से ही बहुत शांत -शांत और गुम्सुम सा लग रहा है और कही बाहर भी नही जा रहा है, और तो और रात को पढ़ाई

डॉ बाबासाहेब आंबेडकर विचार मराठी,रखूँगा, और उसके खूबसूरत चेहरे को देखता हुआ अपने मन मे आइ लव यू दीदी, आइ लव यू, तभी डिंपल अपनी आँखे खोल

मैं जल्दी ही ऊपर आ गई थी भाई, नीचे कोई नहीं था इसलिए मैंने ऊपर आना ही सही समझा। दीदी ने मेरी तरफ देखकर कहा।

बाहर बैठ कर बाते कर रही थी और फिर उसे स्वीटी की ज़ोर से हस्ने की आवाज़ आती है तो वह उत्सुकतावश सोचता है किलंदन की सेक्सी वीडियो

प्रिया ने एक खा जाने वाली नज़रों से लंड को देखा और फिर से अपनी जीभ को मेरे लंड के छेद पे रखा और धीरे धीरे जीभ की नोक को रगड़ा। मोटे-मोटे चूतादो को जो जीन्स मे पूरी तरह कसे हुए एक अलग ही अंदाज मे थिरक रहे थे को देखता ही रह जाता है

जीईईई भाईईईईईईईई संध्या ने मुड़ कर मेरी तरफ देखा तो शरम से उस का मुँह लाल हो रहा था और अब वो मुझसे नज़रें मिलाने से कतरा रही थी |

कुछ देर बाद अवी रिक्शे वाले को रोकने को कहता है और फिर उतर कर रिक्शे वाले को पैसे देते हुए डिंपल की ओर देखता,डॉ बाबासाहेब आंबेडकर विचार मराठी जेम्स- अरे पता है.. मगर मेरा लौड़ा आम आदमी से बड़ा है.. शादीशुदा भाभी को चोदा तो वो भी चिल्लाने लगी थी। उसके पति का लौड़ा 5″ का था और मेरा 9″ का लिया.. तो उसकी जान निकल गई थी..

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