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ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात

ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात, हाँ ,मैडम रुकिए न बस थोड़ा सा और , मैं आपको कॉकटेल स्नैक्स खिलाता हूँ मैंने मिसेज तनेजा के यहाँ सीखे थे , बस थोड़ा टाइम लगेगा। होटेल से बाहर निकल कर जब ज़ाहिद उन दोनो लड़का और लड़की को पोलीस वॅन की तरफ ले जाने लगा. तो उस लड़के ने आगे बढ़ कर ज़ाहिद से एक गाड़ी की तरफ़ इशारा करते हुए कहा सर आप ने हमे पोलीस स्टेशन ले कर जाना ही है तो चलिए में आप को अपनी गाड़ी में ले चलता हूँ.

एक हाथ की उंगलियां गीता के खड़े मटर के दाने की साइज के निपल को पकड़ के पुल करने लगे और दूसरा हाथ गीता की टेनिस बाल साइज चूँचियों को हलके हलके दबाना लगा। और अब जब वो तन्वंगी उठी तो बस उसके उभार उनकी देह से रगड़ते , छीलते , ,... ऊपर से कटार मारती काजर से भरी कजरारी निगाहें ,

एक ने बात उठाई डांस की तो ये तय हुआ की दस साढ़े दस के बाद बार डांसर्स , मेड सब बाहर और सिर्फ हम लोग ही रहेंगे , ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात शाज़िया को ज्यों ही अहसास हुआ कि उस का हाथ अपने ही भाई की मनी सर भर गया है. तो वो फॉरन उठी और उस ने अपनी शलवार को अपने जिस्म से अलहदा कर के दूर कोने में पड़ी टोकरी में फैंक दिया.

सेक्सी लड़कियों की चुदाई

  1. निशा- ये कम्बख़्त भी अब कहाँ मेरा रहा ये तो ना जाने कब से तुम्हारे सीने मे धड़क रहा है. ये तुम्हारी ही तो साँसे है जो मेरे बदन को महका रही है.
  2. वैसे भी हमारे मुल्क में खुस किस्मती से वो ही बंदा शरीफ होता है जिसे कोई चान्स ना मिले. और जिसे चान्स मिलता हैं वो हराम का माल लूटने में कोई कसर नही छोड़ता. कल्याण सट्टा की जोड़ी
  3. लेकिन चुदते समय , लन्ड सीधे अंदर हो जाता है तो जी प्वाइंट या जी स्पॉट चूत में दो -तीन इंच ही अंदर होता है , शाज़िया अपने कमरे से निकल कर अपनी अम्मी के कमरे में गई. शाज़िया ने अपनी अम्मी की अलमारी से नीलोफर के हाथों भिजवाया हुआ अपने भाई का ब्रेज़ियर और पैंटी का गिफ्ट उठा कर
  4. ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात...और थोड़ी देर में वो रस से भरे उभार पीठ से सरकते फिर सीधे नितंबों पर, साथ ही गीता ने लुंगी बनी साड़ी को जो बस उनकी देह के नीचे दबी कुचली फंसी थी उसे खींच कर दूर कर दिया। एक नये घर मे था मैं तो अजीब अजीब सा लग रहा था अब मिलिटरी बॅकग्राउंड का था तो एजंसी के काम काज को समझने मे कुछ ज़्यादा टाइम नही लगा और कुछ दिन यूँ ही गुजर गये फिलहाल तो बस डेस्क-जॉब ही चल रही थी सुबह जाता रात को आते आते आधी रात हो जाती थी बस फिर पड़ते ही सो जाना ज़िंदगी बस जी रहा था मैं किसी तरह से
  5. इसीलिए आज नीलोफर के मुँह से अपने बेटे ज़ाहिद की शादी की बात सुन कर रज़िया बीबी दिल ही दिल में खुशी से झूम उठी. वो सोच रही थी मैं शलवार का नाडा खोलूंगी और वो दोनों हाथों से उस कस के दबोचे थी जैसे पता नहीं कौन सा खजाना वहां छुपा हो , ...

एपीजे अब्दुल कलाम का

इस बात को सोचते सोचते शाज़िया ने अपने दिल में पक्का इरादा कर लिया. कि अब चाहे जैसा भी रिश्ता मिले वो अपनी अम्मी से कह कर जल्द अज जल्द अपनी शादी कर के इस घर और अपने भाई से दूर चली जाएगी.

बल्कि साथ ही साथ शलवार में कसी हुई शाज़िया की मोटी गुदाज और चौड़ी गान्ड भी ज़ाहिद के मनोरंजन के लिए खुली किताब की तरह पूरी की पूरी ज़ाहिद की भूकि निगाहों से सामने पड़ी थी. और सिर्फ ५०० एडिशनल लगेगा , आज कल एक कन्सेशन स्कीम चल रही फिर वो साल भर एडिशनल बाडी माडिफिकेशन भी करवा सकती है

ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात,अपने जिस्म को चादर में छुपाने के बाद वो लड़की अभी तक ज़ाहिद को टकटकी बाँधे ऐसे देखे जा रही थी. जैसे वो ज़ाहिद को पहले से ही जानती हो.

अरे जिधर से तू देखता था , बाथरूम के दरवाजे में जो छेद तूने बनाया था , मुझे नहाते देखने को , बस उसी छेद से बिना नागा मुट्ठ मारता था मेरी ब्रा में ।

ज्यों ही ज़ाहिद बिस्तर पर गिरा. शाज़िया ने उठ के कमरे से जाने की बजाय एक दम अपनी शलवार का नाडा खोला और साथ ही गुस्से में आ कर अपनी मलमल की पतली कमीज़ को अपनी भारी छातियों से पकड़ कर फाड़ दिया.प्ले स्टोर कैसे बनाएं

गीता के उनके सीने पर टहलते कोमल हाथ ने कचकचा के उनके निप्स को नोच लिया पूरी ताकत से और गीता का दूसरा हाथ जो उनके नितम्ब की दरार के बीच में था ,पूरी ताकत के साथ उसने पेल दिया उनकी कसी गांड में जबरदस्ती , बेरहमी से। मेरी अपनी चूत की मसल्स पर बहुत कंट्रोल था , मैं रेगुलर केजेल एक्सरसाइज करती थी लेकिन इस समय प्रेशर बहुत बढ़ रहा था। मैंने छुड़ाने की कोशिश करते हुएकहा ,प्लीज छोडो , बाथरूम , बस , छोडो न।

जैसे जैसे टीवी पर नीलोफर और उस के यार के प्यार का सीन आगे बढ़ रहा था. वैसे वैसी शाज़िया को अपने जिस्म में गर्मी का अहसास बढ़ता हुआ महसूस हो रहा था.

मैंने मम्मी की ओर मुस्करा के देखा और उन्होंने भी मेरा मतलब समझ के, न वो सिर्फ मुस्करायीं ,बल्कि जोर से आँख मार के उन्होंने मुझे अपने पास बुला भी लिया। बांहों में मुझे भींच के बोलीं ,,ईमोजी ला मराठी काय म्हणतात हम सब को ' अपने अपने माल ' के साथ सात बजे पहुंचना था ,मैं पौने सात बजे ही पहुँच गयी , ये पूरी तरह तैयार ड्रेस अप थे एकदम साउथ इन्डियन गेट अप में ,

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